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आखरी अपडेट : 30 Jun, 2026

पूर्णकालिक स्नातकोत्तर डिप्लोमा (PGD) पाठ्यक्रम

उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा

किसी भी विनिर्माण प्रणाली के केंद्र में ऐसी प्रक्रियाओं का समूह होता है जो कच्चे माल को वांछित स्वरूप में परिवर्तित करता है। ये प्रक्रियाएँ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की सतत प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रस्तावित पाठ्यक्रम का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस पाठ्यक्रम की रूपरेखा विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों के लिए तैयार की गई है जो विनिर्माण उद्योगों में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, साथ ही कार्यरत अभियंताओं को भी पिछले पाँच दशकों में विकसित हुई तकनीकी चुनौतियों एवं अवसरों से परिचित कराना इसका उद्देश्य है।

विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने नवाचारी उत्पाद अभिकल्पन तथा दक्ष विनिर्माण प्रक्रियाओं के माध्यम से उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति प्राप्त की है। विकसित होती अर्थव्यवस्था में ज्ञान के प्रभावी उपयोग के लिए विद्यार्थियों का उन्नत विनिर्माण की मूलभूत अवधारणाओं तथा वर्तमान सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक विकास से परिचित होना आवश्यक है। यह पाठ्यक्रम बहु-स्तरीय (मैक्रो से उप-माइक्रोन स्तर तक) धातु निष्कासन प्रक्रियाओं, कंप्यूटर-सहायित अभिकल्पन (CAD) एवं कंप्यूटर-सहायित विनिर्माण (CAM), निकट-शुद्ध आकार (Near Net Shape) विनिर्माण प्रक्रियाओं, योगात्मक विनिर्माण (Additive Manufacturing), परिशुद्ध मापन तथा गुणवत्ता आश्वासन जैसे विषयों का विस्तृत अध्ययन प्रदान करता है। व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं सैद्धांतिक व्याख्यानों का समन्वय इस पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल विकास पहलों के अनुरूप सशक्त एवं प्रभावी बनाता है तथा सतत सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है।

यह कार्यक्रम विनिर्माण विधियों, कंप्यूटर एकीकरण, प्रक्रिया एवं उपकरण नियंत्रण सहित अनेक अनुप्रयोग क्षेत्रों को समाहित करता है तथा नवोन्मेषी अभियांत्रिकी पर विशेष बल देता है। एक वर्षीय यह स्नातकोत्तर कार्यक्रम विद्यार्थियों को विनिर्माण संबंधी अवधारणाओं, वैज्ञानिक सिद्धांतों एवं कार्यप्रणालियों का समग्र ज्ञान प्रदान करता है। साथ ही, वास्तविक अनुसंधान एवं विकास (R&D) परियोजनाओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव (Hands-on Experience) प्राप्त करने का अवसर भी उपलब्ध कराता है।

पात्रता: यांत्रिक अभियांत्रिकी / विनिर्माण अभियांत्रिकी / उत्पादन अभियांत्रिकी अथवा समकक्ष विषय में बी.ई./बी.टेक./ए.एम.आई.ई.।

शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए एक वर्षीय पूर्णकालिक स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।