स्वागत, Tuesday , Jun , 30 , 2026 | 20:30 IST
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सीएसआईआर-सीएमईआरआई का कौशल एवं नवाचार संवर्धन (Skill and Innovation Promotion - SIP) समूह सीएसआईआर समेकित कौशल पहल (CSIR Integrated Skill Initiative), जिज्ञासा (JIGYASA) तथा अन्य शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले मानव संसाधन के विकास हेतु कार्यरत है।
भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप तथा सीएसआईआर समेकित कौशल पहल के अंतर्गत, सीएसआईआर-सीएमईआरआई विद्यार्थियों, एमएसएमई कर्मियों, बेरोजगार युवाओं एवं लघु उद्यमियों को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अनेक कौशल विकास कार्यक्रम (Skill Development Programmes - SDP) संचालित कर रहा है। देश में कुशल जनशक्ति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। ये कार्यक्रम रोजगार सृजन के साथ-साथ लघु तकनीकी उद्यमिता (Techno-entrepreneurship) को भी प्रोत्साहित करते हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक उपकरणों एवं अत्याधुनिक तकनीकों पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में प्रदान किया जाता है।
सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा विकसित पर्यावरणीय प्रौद्योगिकियों पर आधारित कौशल विकास कार्यक्रम (एसडीपी) युवाओं को इन क्षेत्रों में भविष्य की प्रशिक्षित जनशक्ति की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। साथ ही, ये कार्यक्रम प्रशिक्षुओं में कम पूंजी निवेश के साथ स्वयं का उद्यम स्थापित करने का आत्मविश्वास विकसित कर लघु उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करते हैं, जिससे सामाजिक परिवर्तन को गति मिलती है।
इस क्षेत्र में नियमित रूप से आयोजित प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सौर फोटोवोल्टिक प्रणालियाँ, जैव ईंधन (बायोफ्यूल्स), नगर ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल गुणवत्ता आकलन आदि शामिल हैं।
भारत का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र पारंपरिक रूप से कौशलयुक्त है, किन्तु अधिकांश इकाइयों में मूलभूत सैद्धांतिक ज्ञान एवं नवीनतम प्रौद्योगिकी प्रवृत्तियों की जानकारी का अभाव होता है। सीएसआईआर-सीएमईआरआई बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई क्षेत्र को नई चुनौतियों का सामना करने हेतु निरंतर सशक्त बना रहा है।
सीएसआईआर-सीएमईआरआई अपनी अत्याधुनिक अवसंरचना के माध्यम से पारंपरिक एवं उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं पर नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। इन प्रशिक्षणों में सीएनसी एवं माइक्रो-सीएनसी, मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (एमआईएम), वायर आर्क एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (डब्ल्यूएएएम) तथा सीएडी, सीएएम एवं सीएई जैसे आधुनिक विनिर्माण उपकरण एवं प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष एवं कुशल मानव संसाधन का विकास करना है।
संस्थान उद्योगों में कार्यरत कार्मिकों के लिए नियमित रूप से पुनश्चर्या (रिफ्रेशर) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनका उद्देश्य उनकी वर्तमान कार्य-कुशलता को और अधिक सुदृढ़ करना तथा विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से उन्हें अवगत कराना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मेट्रोलॉजी, अविनाशी परीक्षण (एनडीटी) एवं मेटलोग्राफी, सामग्री अभिलक्षणन (मैटेरियल कैरेक्टराइजेशन), कंपन विश्लेषण (वाइब्रेशन एनालिसिस), सीएडी आदि विषय शामिल हैं। सीएसआईआर-सीएमईआरआई कृषि स्वचालन (एग्री-ऑटोमेशन) के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है तथा कृषि यंत्रों (फार्म मशीनरी) एवं परिशुद्ध कृषि (प्रिसिजन एग्रीकल्चर) पर नियमित रूप से कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।
संस्थान सीएसआईआर छात्र-वैज्ञानिक संपर्क कार्यक्रम "जिज्ञासा" (JIGYASA) के अंतर्गत विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तार्किक चिंतन विकसित करने तथा उन्हें विज्ञान को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।इस कार्यक्रम में कक्षा VIII से XII तक के विद्यार्थी तथा केंद्रीय विद्यालय (KV), जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), राज्य सरकार, निजी विद्यालयों एवं गैर-सरकारी संगठनों/मिशनों द्वारा संचालित विद्यालयों के शिक्षक भाग लेने के पात्र हैं।
यह मंच दो प्रमुख घटकों, अर्थात् जिज्ञासा एवं वर्चुअल लैब, से मिलकर बना है।
जिज्ञासा कार्यक्रम के अंतर्गत सहभागिता के कुछ प्रमुख मॉडल निम्नलिखित हैं:
वर्चुअल लैब
वर्चुअल लैब की सहायता से विज्ञान को देश के प्रत्येक कोने में स्थित विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकता है, जिससे सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण वैज्ञानिक शिक्षा एवं प्रयोगात्मक अधिगम का लाभ प्राप्त होता है।
सीएसआईआर जिज्ञासा पोर्टल पर सीएमईआरआई के वेबपृष्ठ को देखने के चरण निम्नलिखित हैं:
एटीएल (अटल टिंकरिंग लैब) कार्यक्रम
भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा देशभर के 7000 से अधिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सृजनात्मकता एवं नवाचार की भावना को विकसित करना तथा उनमें डिज़ाइन थिंकिंग, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, एडैप्टिव लर्निंग, फिजिकल कम्प्यूटिंग आदि कौशलों का विकास करना है। सीएसआईआर-सीएमईआरआई एटीएल विद्यालयों के मेंटर संस्थानों में से एक है।
विज्ञान ज्योति
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (एसटीईएम) के अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा एवं करियर के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ‘विज्ञान ज्योति’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। सीएसआईआर-सीएमईआरआई इस कार्यक्रम का एक ज्ञान सहयोगी (नॉलेज पार्टनर) है।
शैक्षणिक सहयोग
सीएसआईआर-सीएमईआरआई विद्यार्थियों को संस्थान के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के एक भाग को पूरा करने का अवसर प्रदान करता है। प्रशिक्षण अथवा परियोजना/शोध-प्रबंध कार्य के दौरान विद्यार्थियों को संस्थान में संचालित वास्तविक अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर प्राप्त होता है। पीएच.डी. शोधार्थी अपने प्रायोगिक एवं सिमुलेशन आधारित अनुसंधान कार्यों के लिए संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का उपयोग करते हैं। इस अंतर्गत निम्नलिखित कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं:
Project Date: 01/01/2022 to 31/12/2026
Project Type: योजना परियोजना
Project Date: 01/06/2020 to 31/12/2025
Project Type: योजना परियोजना